HAZARIBAGH: झारखंड में मनरेगा कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर जारी राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच विष्णुगढ़ प्रखंड में अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की गई है. प्रखंड मनरेगा कर्मचारी संघ, विष्णुगढ़ ने हड़ताल के दौरान संघ के निर्णय की अवहेलना करने के आरोप में पांच अभियंताओं को संगठन से छह माह के लिए निष्कासित कर दिया है.
हड़ताल के बीच काम पर लौटने पर कार्रवाई
निष्कासित कर्मियों में सहायक अभियंता पंकज कुमार और कनीय अभियंता अशोक कुमार, विकास कुमार दास, जयप्रकाश चौधरी तथा मो. अरशद अहमद शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, इन कर्मियों ने संघ की सामूहिक सहमति के बिना हड़ताल के दौरान ही कार्य पर लौटकर योगदान दे दिया, जिससे हड़ताल की एकजुटता पर असर पड़ा.
उल्लेखनीय है कि राज्यभर के मनरेगा कर्मी 12 मार्च 2026 से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. ऐसे में कुछ कर्मियों के कार्य पर लौटने की खबर मिलते ही आंदोलनरत साथियों में नाराजगी बढ़ गई.
आपात बैठक में लिया गया फैसला, अनुशासन पर सख्त संदेश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड मनरेगा कर्मचारी संघ की आपात बैठक बुलाई गई. संघ के अध्यक्ष एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी की मौजूदगी में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए संबंधित सभी अभियंताओं को संघ की प्राथमिक सदस्यता से छह माह के लिए निष्कासित कर दिया गया.
संघ ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की गतिविधियां संगठन की एकता को कमजोर करती हैं और सरकार के साथ चल रही वार्ता प्रक्रिया पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. पदाधिकारियों ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, गुटबाजी या संघ विरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
