Ranchi: साल 2023 में नक्सल मुक्त घोषित किए गए बूढ़ा पहाड़ की जमीनी हकीकत पर अब सवाल उठने लगे हैं. मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक सड़क नहीं पहुंचेगी, तब तक विकास केवल कागजों तक सीमित रहेगा.
छत्तीसगढ़ से समन्वय जरूरी
बूढ़ा पहाड़ की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सड़क निर्माण के लिए पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की अनापत्ति जरूरी है. मंत्री ने कहा कि इस बाधा को दूर करने के लिए वे खुद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उग्रवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि नियंत्रण में है. यदि विकास कार्यों में देरी हुई, तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं.
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शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
मंत्री ने बताया कि कुल्ही गांव में जल्द ही स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण शुरू किया जाएगा, जिसके लिए फंड आवंटित किया जा चुका है. वहीं हेसातु गांव के मध्य विद्यालय को हाई स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़े.
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर स्थायी विकास सुनिश्चित करना है.
