रांचीः झारखंड से राज्यसभा और लोकसभा के 19 सांसदों में से नौ सांसद फंड यूटिलाइजेशन के मामले में लो परफॉरमर हैं. दो सांसद मध्यम प्रदर्शन करने वाले करार दिए हैं. वहीं एक सांसद इनेक्टिव(निष्क्रिय) हैं. सात सांसदों में राशि खर्च करने में बेहतर प्रर्दशन किया है. 70 से 90 फीसदी खर्च करने वाले सांसदों को बेहतर बताया गया है. 50 से 70 फीसदी खर्च करने वाले सांसदों को मध्यम प्रदर्शन करने वाला सांसद की श्रेणी में रखा गया है. 50 फीसदी से कम राशि खर्च करने वाले सांसदों को लो परफॉरमर की श्रेणी में रखा गया है. वहीं एक सांसद मनीष जायसवाल इनेक्टिव(निष्क्रिय) की श्रेणी में हैं. इन्होंने एक भी राशि खर्च नहीं की है.

103 करोड़ से अधिक की राशि खर्च करना बाकी
राज्य के सभी सांसदों को क्षेत्र विकास के लिए 225 करोड़ 75 लाख, 60 हजार 571 रुपए मिले हैं. इसमें से सांसदों मे क्षेत्र विकास के लिए अब तक 122 करोड़, 37 लाख 47 हजार 645 रुपए ही खर्च किए हें. फिलहाल क्षेत्र विकास के लिए सांसदों के पास 103 करोड़, 38 लाख 12 हजार 926 रुपए की राशि बची हुई है.
राशि खर्च करने के मामले में कौन सांसद किस श्रेणी में हैं
बेहतर प्रदर्शन करने वाले सांसद
- आदित्य साहूः 85.86 फीसदी राशि खर्च
- महुआ मांझी- 83.97 फीसदी राशि खर्च
- दीपक प्रकाश- 82.06 फीसदी राशि खर्च
- संजय सेठ- 81.75 फीसदी राशि खर्च
- सुखदेव भगत- 75.55 फीसदी राशि खर्च
- विद्युत वरण महतो- 74.07 फीसदी राशि खर्च
- काली चरण मुंडा- 71.41 फीसदी राशि खर्च
मध्यम प्रदर्शन करने वाले सांसद
- प्रदीप वर्मा- 65.28 फीसदी राशि खर्च
- नलिन सोरेन- 64.67 फीसदी राशि खर्च
लो परफॉरमर
- बीडी राम- 49.30 फीसदी राशि खर्च
- चंद्रप्रकाश चौधरी- 42.53 फीसदी राशि खर्च
- डॉ सरफराज अहमद- 39.98 फीसदी राशि खर्च
- ढुल्लू महतो- 34.20 फीसदी राशि खर्च
- जोबा मांझी-28.90 फीसदी राशि खर्च
- अन्नपूर्णा देवी- 25.01 फीसदी राशि खर्च
- विजय हांसदा- 20.54 फीसदी राशि खर्च
- कालीचरण सिंह- 10.90 फीसदी राशि खर्च
- निशिकांत दूबे- 1.82 फीसदी राशि खर्च
इनेक्टिव
- मनीष जायसवाल- 000 फीसदी राशि खर्च
