रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अपराध का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है. गिरिडीह जिले में मासूमों के अपहरण और हत्या जैसे जघन्य अपराधों में शामिल कुख्यात अपराधी महेश वर्मा अब रांची में डिलीवरी बॉय बनकर रह रहा था. इसी दौरान उसने बरियातू थाना क्षेत्र हरिहर सिंह रोड स्थित प्रीति ज्वेलर्स में उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ लूटपाट की, लेकिन रांची पुलिस की तत्परता ने सभी तीनों अपराधियों को 10 घंटे के भीतर ही सलाखों के पीछे भेज दिया. अगर वह नहीं पकड़ा जाता तो एक के बाद एक कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के फिराक में था.
महेश वर्मा के अपराधों का पुराना इतिहास:
पकड़ा गया महेश वर्मा कोई साधारण अपराधी नहीं है. उस पर अब तक कुल 13 आपराधिक मामलेदर्ज हैं. उसका इतिहास निर्दोष बच्चों के अपहरण और हत्या जैसे काले कारनामों से भरा पड़ा है.
शिक्षक के इकलौते बेटे की हत्या:
13 जनवरी 2022 को गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र से शिक्षक रामकुमार शर्मा के इकलौते पुत्र लव कुमार प्रभाकर उर्फ राजा का अपहरण हुआ था. महेश और उसके साथियों ने इस नौ वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने मार्च 2022 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
डॉक्टर के बेटे का अपहरण:
जून 2024 में महेश ने देवरी थाना क्षेत्र के चतरो गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक डॉ. लक्ष्मण दास के पुत्र पवन दास का अपहरण किया था. पवन जब दुकान से घर लौट रहे थे, तभी इस वारदात को अंजाम दिया गया था. पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि महेश वर्मा पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना और काम करने का तरीका बदल रहा था.रांची में उसने डिलीवरी बॉय का मुखौटा इसलिए चुना ताकि रिहायशी इलाकों और दुकानों में उसकी एंट्री आसान हो और किसी को उस पर संदेह न हो.
