पलामू: सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से सिविल सर्जन ने ‘राहबीर योजना’ के लाभ और इसके मानवीय महत्व पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि किसी भी सड़क हादसे के बाद का पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ यानी सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. यदि इस दौरान घायल व्यक्ति को समय पर इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है.इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए 25,000 रुपये तक की राशि देने का प्रावधान किया है.

योजना की प्रक्रिया और सुरक्षा को लेकर सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि मदद करने वाले व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है. घायल को अस्पताल पहुंचाने के बाद मददगार को केवल अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जानकारी दर्ज करानी होगी, ताकि प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा सके.
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पुलिस द्वारा मददगार से किसी भी प्रकार की अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाएगी और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह आगे आकर घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं. इस नेक कार्य से एक अनमोल जान बचाई जा सकती है और मदद करने वाले व्यक्ति को सम्मान के साथ नगद प्रोत्साहन भी मिलेगा.
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नागरिक अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकते हैं.

