Palamu: झारखंड सरकार के आदेश पर डिजिटल पंचायत प्रोजेक्ट योजना को धरातल पर उतारने के लिए डालटेनगंज के न्यू टाउनहॉल में एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष सत्र में पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले के पंचायत भवनों में कार्यरत सीएससी संचालकों ने भाग लिया. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी पंचायत भवनों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है ताकि सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों को उनके अपने गांव में ही मिल सके. राज्य स्तर से इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे अनुपम उपाध्याय, स्टेट हेड अविनाश कुमार और समन्वयक सुमित कुमार ने वर्तमान में चल रही विभिन्न परियोजनाओं के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला.
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सभी पंचायतों को आधार केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा
प्रशिक्षण के दौरान पंचायती राज के विभिन्न थीम और गुड गवर्नेंस (सुशासन) की अवधारणा को ग्रामीण स्तर पर लागू करने की जानकारी दी गई. इस अवसर पर यूआईडी टीम के रांची से आए दिलीप शाह ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पंचायत भवनों में आधार सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए समझौते की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही सभी पंचायतों को आधार केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.
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पंचायत भवनों में बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने पर जोर
बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर चर्चा करते हुए राज्य बैंकिंग टीम के उपेंद्र कुमार और एचडीएफसी की दीपशिखा कुमारी ने बताया कि सरकार सभी पंचायत भवनों को बैंकिंग सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है. खाता खोलने से लेकर लोन संबंधी सुविधाएं ग्रामीणों को उनके द्वार पर ही मिलेगी. वहीं चंचला सिंह ने सीएससी की अन्य सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया. जबकि सोने लाल साह ने डिजी पे के माध्यम से आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AEPS) का उपयोग कर संचालकों को अपनी आय बढ़ाने के गुर बताये. कार्यशाला में जिला प्रबंधक अरविंद कुमार, अमित कुमार, डीपीएम सौरभ कुमार दुबे सहित तीनों जिलों के प्रखंड स्तरीय ब्लॉक मैनेजर और बड़ी संख्या में सीएससी संचालक उपस्थित रहे.
