Ranchi: झारखंड की सियासत में भ्रष्टाचार के आरोपों ने एक नया उबाल ला दिया है. भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि झारखंड आज भ्रष्टाचार की उस दीमक का शिकार हो चुका है, जो इसे अंदर ही अंदर खोखला कर रही है. उन्होंने राज्य की प्राकृतिक संपदा से लेकर सरकारी खजाने तक की सुनियोजित लूट का दावा किया है.
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
भ्रष्टाचार के इस कथित चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए बाबूलाल मरांडी ने सीधे केंद्र सरकार की ओर रुख किया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सोशल मीडिया और पत्राचार के माध्यम से आग्रह किया है कि केंद्रीय एजेंसियों को झारखंड में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निर्देश दिए जाएं. खजाने की लूट में शामिल सफेदपोशों और दोषियों पर अविलंब और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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जंगल से सचिवालय तक व्याप्त है भ्रष्टाचार
बाबूलाल मरांडी ने प्रशासनिक ढांचे पर प्रहार करते हुए कहा कि आज राज्य में कोई भी कोना भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है. उन्होंने कहा कि थाना, प्रखंड और अनुमंडल कार्यालयों से लेकर डीसी-एसपी ऑफिस और सचिवालय तक, भ्रष्टाचार का जाल फैला हुआ है.
एसीबी की निष्पक्षता पर सवाल
मरांडी ने राज्य की जांच एजेंसी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भूमिका पर भी हैरानी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि जो संस्था भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनी है, वही आज भ्रष्ट तंत्र को कवच प्रदान कर रही है और दोषियों को संरक्षण दे रही है.
निष्पक्ष जांच हुई तो निकलेंगे हजारों करोड़
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह तो सिर्फ टिप ऑफ द आइसबर्ग है. उन्होंने दावा किया कि यदि राज्य के सभी जिलों और विभागों के खातों की निष्पक्ष ऑडिट कराई जाए, तो यह घोटाला हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.
