Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस. एम. सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने मोटर वाहन के फिटनेस से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिका निष्पादित कर दी.
जनहित का मामला नहीं माना
अदालत ने कहा कि मोटर वाहन के मालिक कोई शोषित या वंचित वर्ग नहीं हैं, जिससे यह मामला जनहित से जुड़ा माना जाए.
याचिकाकर्ता ने लगाए थे ये आरोप
दरअसल, खूंटी के आशीष कुमार शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि खूंटी के मोटर वाहन इंस्पेक्टर वाहनों के फिटनेस से संबंधित सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहे हैं.
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प्रशासन से शिकायत करने की सलाह
इस पर अदालत ने कहा कि वाहन मालिक सक्षम व्यक्ति हैं और वे इस मामले की शिकायत जिला परिवहन पदाधिकारी या उपायुक्त से कर सकते हैं.
याचिका को किया गया निष्पादित
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला जनहित याचिका के लिए उपयुक्त नहीं है, इसलिए इसे निष्पादित किया जाता है.
