Garhwa : जिले के रमकंडा में रामनवमी जुलूस के दौरान भड़की हिंसा और तनाव के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. शांति भंग करने वालों के खिलाफ पुलिसिया हंटर चलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है. मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के 72 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, जबकि 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

रास्ता रोकने से शुरू हुआ तनाव
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत 25 मार्च को हुई थी. रामनवमी का जुलूस पारंपरिक वाद्य यंत्रों और साउंड सिस्टम के साथ कौआखोह स्थित चबूतरे की ओर जा रहा था. जब जुलूस बिचला टोलापहुंचा, तो वहां दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया. हिंदू पक्ष द्वारा इसका कड़ा विरोध किए जाने के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि, शुरुआती दौर में पुलिस ने सूझबूझ से मामले को शांत करा दिया था.
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धरना और पथराव के बाद बिगड़े हालात
घटना के अगले दिन यानी 26 मार्च को आक्रोशित हिंदू समुदाय के लोगों ने रमकंडा के मनमोहर चौक पर धरना प्रदर्शन किया. तनावपूर्ण माहौल के बीच शाम को जब दोबारा जुलूस निकालने की कोशिश की गई, तो उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को मजबूरन हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इस पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं.
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, रात भर चली छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू डीआईजी किशोर कौशल और गढ़वा एसपी अमन कुमार ने मोर्चा संभाला. अधिकारियों ने देर रात घटनास्थल का मुआयना किया और उपद्रवियों की धरपकड़ के निर्देश दिए. दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. इनमें 72 लोग (हिंदू पक्ष से 21 और मुस्लिम पक्ष से 51) हैं. रात भर चली छापेमारी में कुल 20 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. (हिंदू पक्ष के 6 और मुस्लिम पक्ष के 14).
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