कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित 9 वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति और कार्यक्रम के आयोजन में आ रही बाधाओं पर अपनी बात रखी. इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है और भाजपा ने इसे संवैधानिक ढांचे का पतन करार दिया है.

मैं बंगाल की बेटी हूं,फिर भी अनुमति नहीं मिली:
सिलीगुड़ी के बिधानगर में जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू भावुक और हैरान नजर आईं. उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा, ममता मेरी छोटी बहन जैसी हैं. मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज क्यों हैं. मैं बंगाल की बेटी हूं इसके बावजूद मुझे यहां कार्यक्रम की अनुमति मिलने में कठिनाई हुई. उन्हें आज मेरे साथ होना चाहिए था. अनुमति न मिलने के कारण मुझे कार्यक्रम के लिए गोशाईपुर जाना पड़ा. हालांकि, मेरे मन में उनके प्रति कोई द्वेष या गुस्सा नहीं है.
पीएम मोदी ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया:
पीएम मोदी ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एक आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान देश का अपमान है. टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लापरवाही बरती है.
भाजपा का हमला: संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन:
राष्ट्रपति के इस बयान को हाथों-हाथ लेते हुए भाजपा ने ममता सरकार की कड़ी आलोचना की है. अमित मालवीय (IT सेल प्रमुख): उन्होंने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह भारत के इतिहास में दुर्लभ है कि किसी राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल की कमी पर खुलकर बोलना पड़े. उन्होंने इसे बंगाल में संवैधानिक मशीनरी के विफल होने का प्रमाण बताया.
ममता बनर्जी का पलटवार: मैं धरने पर हूं, मुझे जानकारी नहीं थी:
आलोचनाओं के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने राष्ट्रपति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि हर बार उनके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं है. ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,पूर्व व्यस्तता: मैं इस समय राजनीतिक धरने पर बैठी हूं मुझे राष्ट्रपति के इस विशेष कार्यक्रम की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी. उन्होंने तर्क दिया कि राष्ट्रपति साल में कई बार राज्य का दौरा करती हैं, और मुख्यमंत्री के लिए हर 50 कार्यक्रमों में उपस्थित रहना व्यावहारिक नहीं है.
झारखंड भाजपा नेताओं ने भी जताई नाराजगी:
राष्ट्रपति के साथ ममता बनर्जी और बंगाल सरकार का व्यवहार को भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी ने भी अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक बताया है.कहा है कि
राष्ट्रपति का अपमान है,आदिवासी समाज का अपमान है.

