न्यूज़ डेस्क : बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को आखिरकार कर्ज विवाद से जुड़े लंबे कानूनी मामले में बड़ी राहत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह 12 दिन तिहाड़ जेल में बिताने के बाद रिहा हो गए. अदालत ने सुनवाई के दौरान कुछ शर्तों के साथ उन्हें 18 मार्च तक की अस्थायी जमानत दी है. रिहाई के बाद राजपाल यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत करते हुए कहा कि कानूनी मामलों पर विस्तृत जानकारी उनके वकील देंगे, लेकिन वह न्यायपालिका के आभारी हैं कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिला.

कर्ज से शुरू हुआ विवाद, 5 करोड़ से बढ़कर 9 करोड़ तक पहुंची रकम.
यह मामला उनकी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है, जिसके निर्माण के लिए उन्होंने करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल रहने के बाद समय पर भुगतान नहीं हो सका और ब्याज सहित राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. वित्तीय लेन-देन को लेकर मामला अदालत पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाया गया. कोर्ट के आदेश पर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था.
1.5 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट जमा, इंडस्ट्री से मिला समर्थन.
हालिया सुनवाई में उनके वकीलों ने अदालत को भरोसा दिलाया कि अभिनेता भुगतान की दिशा में प्रयासरत हैं और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हैं. इसके बाद राजपाल यादव की ओर से 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराया गया. बताया जा रहा है कि फिल्म इंडस्ट्री के कई साथियों ने उन्हें आर्थिक और नैतिक समर्थन दिया. इस बीच अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत अवधि के दौरान उन्हें पासपोर्ट जमा करना होगा और बिना अनुमति देश से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी.
आगे की राह पर नजर, नई फिल्मों की तैयारी.
कानूनी राहत मिलने के बाद अब राजपाल यादव अपने पेशेवर जीवन पर दोबारा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने उनके समर्थन में कदम बढ़ाया है और उन्हें नए प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव भी मिले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह जल्द ही बड़े बैनर की फिल्मों में नजर आ सकते हैं. फिलहाल, अदालत में अगली सुनवाई और भुगतान प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं.

