राम नवमी आज: मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ करें राम दरबार का पूजन, घर में रखें रामायण

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News Desk: आज शुक्रवार, यानी 27 मार्च को चैत्र नवरात्रि का समापन हो रहा है और इसी दिन राम नवमी का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में इसी तिथि पर भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन का विशेष महत्व है. इस अवसर पर मां दुर्गा के नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री की पूजा के साथ भगवान श्रीराम और हनुमान जी की आराधना करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर घर के मंदिर में रामायण की पूजा करना भी विशेष फलदायी बताया गया है.

ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, यदि घर में रामायण उपलब्ध न हो तो इस पावन अवसर पर इसे लाकर घर के मंदिर में स्थापित करना शुभ माना जाता है. राम दरबार के साथ रखकर विधि-विधान से इसकी पूजा करने से विशेष पुण्य फल मिलता है.

साथ ही, नियमित रूप से रामायण का पाठ करने की आदत डालना भी लाभकारी बताया गया है. इसमें वर्णित आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और कई तरह की परेशानियों को दूर करने में मददगार साबित होता है.

राम नवमी के पावन अवसर पर कुछ खास शुभ कार्य करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. चैत्र नवरात्रि के समापन दिवस पर देवी दुर्गा और भगवान श्रीराम के मंदिर में जाकर श्रद्धापूर्वक दर्शन व पूजा करना विशेष महत्व रखता है.

यदि आसपास कोई प्राचीन या धार्मिक महत्व का मंदिर हो, तो वहां जाकर पूजा-अर्चना करना और भी शुभ माना जाता है. वहीं, किसी कारणवश मंदिर जाना संभव न हो तो घर के मंदिर में ही पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान की आराधना की जा सकती है.

आइए जानते हैं इस दिन किए जाने वाले खास पूजन और शुभ उपायों के बारे में—

  • इस पावन दिन मां दुर्गा की पूजा में लाल चुनरी, चूड़ियां, कुमकुम और अन्य सुहाग सामग्री अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. माता का श्रृंगार लाल फूलों से करें और धूप-दीप प्रज्वलित कर उनके मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जप करें. ऐसी मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
  • इस दिन भगवान श्रीराम के साथ पूरे राम दरबार की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है. इसमें माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान जी, भरत और शत्रुघ्न की आराधना भी शामिल होती है। सभी देवताओं का विधि-विधान से अभिषेक कर उन्हें वस्त्र, पुष्प और माला अर्पित करें.
  • पूजा के दौरान धूप-दीप प्रज्वलित कर “राम” नाम का जप करें. इच्छानुसार “ॐ रां रामाय नमः” मंत्र का भी उच्चारण किया जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में संतुलन व सकारात्मकता बनी रहती है.
  • इस शुभ अवसर पर मंदिरों में घी, तेल, कुमकुम, चंदन, अबीर-गुलाल और फूल जैसी पूजन सामग्री अर्पित करना पुण्यदायी माना जाता है. साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी अत्यंत लाभकारी बताया गया है.
  • खास तौर पर चैत्र नवरात्रि की नवमी पर छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराना शुभ माना जाता है. भोजन के बाद उन्हें दक्षिणा के साथ अनाज या दैनिक उपयोग की वस्तुएं—जैसे जूते-चप्पल और पढ़ाई से जुड़ी सामग्री (कॉपी-पेन आदि)—भेंट करना भी पुण्य का कार्य माना जाता है.
  • इस पावन दिन धार्मिक ग्रंथों का दान करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. आप किसी मंदिर में रामायण, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा जैसी पुस्तकों का अर्पण कर सकते हैं.
  • इसके अलावा, मंदिर के शिखर पर नया ध्वज चढ़वाना भी शुभ कार्यों में शामिल है, जिसे आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है.
  • इस बार यह पावन पर्व शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, जिसे ज्योतिष में शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है. ऐसे में इस दिन शुक्र ग्रह की आराधना करना विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है, जिससे कुंडली के कुछ दोषों को शांत करने में मदद मिल सकती है.
  • मान्यता के अनुसार, शुक्र देव की पूजा शिवलिंग के माध्यम से की जाती है. इसलिए शिवलिंग पर दूध अर्पित कर “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जप करना शुभ माना गया है. कहा जाता है कि इससे जीवन में सुख-सुविधाओं, वैभव और समृद्धि में वृद्धि होती है.
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