Ranchi: झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और ओडिया भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा की और समाधान के लिए पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा. मुलाकात के दौरान डॉ. षाड़ंगी ने राज्यपाल को शॉल और अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ और प्रखर समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया का स्मृति चिन्ह भी भेंट किया, जो क्षेत्र की धार्मिक आस्था और राजनीतिक शुचिता का प्रतीक है.
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ज्ञापन की 5 प्रमुख मांगें
• शिक्षा और रोजगार: कोल्हान विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षकों की रुकी हुई बहाली प्रक्रिया को अविलंब शुरू करने की मांग की गई.
• ओडिया लिपि को मान्यता: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा की अधिसूचना में अन्य लिपियों के समान ही ओडिया लिपि को अनिवार्य रूप से शामिल करने का आग्रह किया गया, ताकि ओडिया भाषी अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके.
• घाटशिला को जिला बनाने की मांग: प्रशासनिक सुगमता के लिए पूर्वी सिंहभूम के विभाजन और घाटशिला को मुख्यालय बनाकर नए जिले के सृजन की मांग.
• सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचा: एनएच-18 के विस्तार के साथ-साथ खण्डामौदा और जगन्नाथपुर चौक पर अंडरपास और सबवे के निर्माण की आवश्यकता जताई गई, ताकि स्थानीय लोगों को दुर्घटनाओं से निजात मिल सके.
• विभूतियों का सम्मान: उत्कल गौरव मधुसूदन दास, राजा अर्जुन सिंह और जगन्नाथ ढल जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित कर उनकी विरासत को सहेजने का प्रस्ताव दिया गया.
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