Ranchi: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय स्थित एचआरडी विभाग के प्रकाश हॉल में सोमवार को “एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी तथा कोयला खनन संचालन में इसकी भूमिका” विषय पर एक महत्वपूर्ण सामूहिक चर्चा आयोजित की गई. कार्यक्रम में अधिकारियों ने खनन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग और संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. कार्यक्रम की शुरुआत महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने अपने संबोधन में एआई को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि यह तकनीक पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन, दोनों में तेजी से अपनी जगह बना रही है. उन्होंने अधिकारियों से एआई का प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग करने का आह्वान किया.
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खनन कार्य में AI का करें समुचित उपयोग : वीके शुक्ला
मुख्य वक्ता महाप्रबंधक (खनन/आईईडी) वी.के. शुक्ला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि खनन कार्यों में एआई का समुचित उपयोग सुरक्षा, उत्पादन और कार्यक्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है. इस अवसर पर महाप्रबंधक (ईआरपी) एवं महाप्रबंधक (सिस्टम) भी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान प्रबंधक (सिस्टम) आलोक रंजन ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए एआई के नवीनतम विकास, विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि किस तरह एआई तकनीक खनन संचालन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कुशल बना सकती है.
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मौके पर 45 अधिकारी रहे मौजूद
चर्चा सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कोयला खनन में एआई के व्यावहारिक उपयोग, चुनौतियों और संभावित समाधान पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए. इस सामूहिक चर्चा में करीब 45 अधिकारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जिसमें जनरेटिव एआई की उपयोगिता, विशेष रूप से कंटेंट निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी मानी गई. अधिकारियों ने भविष्य में एआई आधारित तकनीकों को कार्यप्रणाली में शामिल करने पर भी जोर दिया.
