Ranchi : रांची जिले के सभी निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण और अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर सोमवार को मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने की, जिसमें CBSE, ICSE और JAC बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के प्राचार्य व प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निजी विद्यालयों को तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ (PTM) का गठन कर उसकी सूचना जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को देनी होगी. अब तक केवल 13 स्कूलों द्वारा जानकारी देने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए समयसीमा का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया.
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अभिभावकों को मिली बड़ी राहत
फीस नियंत्रण को लेकर भी सख्त प्रावधान तय किए गए हैं. विद्यालय स्तर पर बनी शुल्क समिति अधिकतम 10% तक ही फीस वृद्धि कर सकेगी, जबकि इससे अधिक बढ़ोतरी के लिए जिलास्तरीय समिति की अनुमति अनिवार्य होगी. साथ ही, किसी भी तरह का पुनर्नामांकन शुल्क लेने पर रोक लगा दी गई है. किताब और यूनिफॉर्म के मामले में भी अभिभावकों को बड़ी राहत दी गई है. अब स्कूल परिसर में किताब और यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं हो सकेगी और अभिभावक किसी भी दुकान से इन्हें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे. CBSE स्कूलों को केवल NCERT किताबें लागू करने का निर्देश दिया गया है, जबकि यूनिफॉर्म में बदलाव कम से कम पांच वर्षों के अंतराल पर ही किया जा सकेगा.
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नियमों के उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकता. ऐसा करना शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित स्कूल पर कार्रवाई होगी. शिकायतों के निस्तारण के लिए अबुआ साथी पोर्टल और जिला स्तर पर गठित कोषांग के माध्यम से प्राप्त मामलों में स्कूलों को समयबद्ध जवाब देना होगा. नियमों के उल्लंघन पर 50 हजार से ढाई लाख रुपये तक जुर्माना और गंभीर मामलों में मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. बैठक में कुल 272 में से 192 स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जबकि अनुपस्थित विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है. उपायुक्त ने सभी स्कूलों से पारदर्शिता बरतने और अभिभावकों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की.
