Ranchi: JSSC CGL पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. कांड संख्या 02/2025 में ASO संतोष कुमार मस्ताना ने रांची CID कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन फाइल किया है. जिसकी अगली सुनवाई 10 अप्रैल को निर्धारित की गई है. वहीं इस पूरे प्रकरण में आवाज उठाने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल कुणाल प्रताप सिंह की जमानत याचिका अब तक लंबित है. संतोष कुमार मस्ताना को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है जबकि कुणाल प्रताप सिंह को अभी तक राहत नहीं मिल सकी है. हालांकि, उन्हें झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस गौतम चौधरी की अदालत से 28 जनवरी को नो कोआर्सिव मिल चुकी है. जिसके बाद फिलहाल उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती.
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झूठी अफवाह फैलाने और आयोग की छवि धूमिल करने का आरोप
CID द्वारा दोनों पर JSSC CGL परीक्षा के पेपर लीक से संबंधित झूठी अफवाह फैलाने और आयोग की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया गया है. इस मामले में ASO संतोष कुमार को 28 अक्टूबर को CID ने गिरफ्तार किया था. वहीं कुणाल प्रताप सिंह के खिलाफ 22 दिसंबर को न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया जिसके बाद उसी दिन दिल्ली स्थित उनके होटल और धनबाद स्थित आवास पर छापेमारी की गई. यह भी उल्लेखनीय है कि CID द्वारा अब तक कुणाल प्रताप सिंह को 12 बार समन जारी किया जा चुका है. दूसरी ओर इस बहुचर्चित पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड अनीश सहित अधिकांश आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. इधर झारखंड हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने इस पूरे मामले की जांच छह महीने के भीतर पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. ऐसे में अब सबकी नजरें आगामी सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.
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