रांची: देशभर में प्रस्तावित जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में 27 फरवरी को रांची नगर निगम के सभागार में प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. बैठक में अधिकारियों और कर्मियों को डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई.

देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना
बैठक में बताया गया कि जनगणना 2027 भारत की 16वीं जनगणना होगी. यह पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी. इस बार कागज के फॉर्म की जगह मोबाइल ऐप, डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म और वेब पोर्टल के जरिए जानकारी जुटाई जाएगी.
पहले चरण में घर-घर का डिजिटल रिकॉर्ड
जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा. इस दौरान हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस किया जाएगा. हर घर की स्थिति और पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी.
दूसरे चरण में जनसंख्या का पूरा ब्योरा
दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा. इसमें लिंग, आयु, धर्म, शिक्षा, रोजगार सहित अन्य सामाजिक और आर्थिक जानकारियां एकत्र की जाएंगी.
प्रशासक के स्पष्ट निर्देश
बैठक में प्रशासक ने जनगणना कोषांग के गठन और टीमों को विस्तृत प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों और पदाधिकारियों को अपनी भूमिका और वैधानिक शक्तियों की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि पूरी प्रक्रिया को सफल, सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए सभी को सक्रिय और जिम्मेदारीपूर्वक काम करना होगा. डिजिटल माध्यम से होने वाली यह ऐतिहासिक जनगणना नगर निगम के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जाएगा.
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