रांची: राजधानी में प्रकृति पर्व सरहुल के उल्लास के बीच एक मासूम अपनी राह भटक गया, लेकिन रांची पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक परिवार की खुशियां वापस लौटा दीं. शनिवार को सरहुल की भव्य शोभा यात्रा के दौरान कचहरी चौक के पास एक बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया था, जिसे पुलिस और आम नागरिकों के सहयोग से सुरक्षित उसके घर पहुंचा दिया गया है.

भीड़ में बिछड़ा मासूम, पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी:

कल शाम जब पूरा शहर सरहुल के रंग में डूबा था, कचहरी चौक के पास भीड़ के कारण एक बच्चा अपने परिवार से अलग होकर रोता हुआ पाया गया. वहां मौजूद जागरूक नागरिकों ने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दी,। पुलिस ने बच्चे को संरक्षण में लेकर तत्काल सीसीआर कंट्रोल रूम लाया गया. कंट्रोल रूम से जिले के सभी थानों को वायरलेस संदेश भेजकर और सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चे की फोटो साझा कर परिजनों की तलाश शुरू की गई, हालांकि, काफी प्रयासों के बाद भी कल रात बच्चे के परिवार का पता नहीं चल सका, जिसके बाद बच्चे को पूरी रात पुलिस की देखरेख में सुरक्षित रखा गया.
दादी और मौसी पहुंची कंट्रोल रूम:
रविवार सुबह करीब 10:00 बजे, जब यह खबर बच्चे के मोहल्ले तक पहुंची, तो उसकी दादी और मौसी आनन-फानन में सीसीआर कंट्रोल रूम पहुंची. परिजनों ने रुआंसे गले से बताया कि बच्चे की मां अब इस दुनिया में नहीं हैं और उसके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं. कल पिता के साथ ही वह शोभा यात्रा देखने आया था, लेकिन कचहरी चौक की भारी भीड़ में वह हाथ से छूट गया. परिजनों ने पूरी रात अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन सफलता न मिलने पर वे मायूस होकर घर लौट गए थे.
एसएसपी की पहल पर घर पहुंचाया गया बच्चा:
एक भावनात्मक मोड़ तब आया जब बच्चा डर और सहम जाने के कारण अपनी दादी और मौसी के साथ तुरंत जाने को तैयार नहीं हो रहा था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर कोतवाली और गोंदा थाना की गश्ती टीम ने पुलिस वाहन के जरिए बच्चे और उसकी दादी-मौसी को गोंदा थाना क्षेत्र के हथिया गोंदा स्थित उनके घर पहुंचाया घर आकर जब बच्चे ने अपने बीमार पिता को देखा, तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा. पुलिस ने उचित सत्यापन के बाद बच्चे को उसके पिता और परिजनों के सुपुर्द कर दिया. अपने जिगर के टुकड़े को सुरक्षित वापस पाकर परिवार की आँखों में आँसू छलक आए..परिजनों और बस्ती के लोगों ने रांची पुलिस की इस मानवीय पहल और रात भर बच्चे का ख्याल रखने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस बल का तहे दिल से धन्यवाद किया.

