Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के पास रामपुर स्थित अरविंद लिमिटेड (अरविंद टेक्सटाइल) एक बड़े विवाद के घेरे में आ गई है. कंपनी पर झारखंड के आदिवासी और मूलवासी बच्चों व युवाओं के साथ कथित तौर पर जबरन ट्रांसफर और निष्कासन जैसी अमानवीय गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगा है. इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक औपचारिक शिकायत पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है.
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क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि रामपुर स्थित अरविंद टेक्सटाइल द्वारा स्थानीय आदिवासी और मूलवासी युवाओं व बच्चों का शोषण किया जा रहा है. पत्र के अनुसार, कंपनी इन युवाओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर रही है और उन्हें उनके कार्यक्षेत्र से विस्थापित कर रही है. शिकायतकर्ता ने इसे न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है, बल्कि इसे वंचित समाज के भविष्य के साथ एक गंभीर अन्याय करार दिया है.
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शिकायतकर्ताओं की मुख्य मांगें
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके, दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं, प्रभावित बच्चों और युवाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और उनके उचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनाई जाएं.
