रांची: राजधानी के न्यू पुलिस लाइन परिसर में शुक्रवार की रात प्रकृति के महापर्व सरहुल का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ किया गया.
पुलिस परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में खाकी का मानवीय और सांस्कृतिक चेहरा देखने को मिला, जहां तनावपूर्ण ड्यूटी से इतर पुलिसकर्मी और उनके परिजन उत्सव के रंग में रंगे नजर आए.।कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ सखुआ (साल) के वृक्ष की पूजा से हुई.पाहन ने पारंपरिक मंत्रोच्चार के बीच अच्छी वर्षा और सुख-समृद्धि की कामना की. इस दौरान पूरे परिसर को प्राकृतिक वस्तुओं से सजाया गया था, जो झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को जीवंत कर रहा था.।इस उत्सव में रांची पुलिस के तमाम आला अधिकारी शामिल हुए जिनमें एसएसपी राकेश रंजन, सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, कोतवाली।डीएसपी प्रकाश सोए समेत कई अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. अधिकारियों ने न केवल पूजा-अर्चना में भाग लिया, बल्कि पुलिस बल के जवानों और उनके परिवार के सदस्यों के साथ खुशियां भी साझा कीं. उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा पारंपरिक लोक नृत्य. मांदर और नगाड़ों की गूंज पर पुलिस अधिकारी और जवान एक साथ झूमते नजर आए. एसएसपी रांची ने इस अवसर पर पुलिस परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विभाग के भीतर आपसी भाईचारे और टीम भावना को मजबूत करते हैं. उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा का संकल्प ही सरहुल का असली संदेश है.


