रांची: राजधानी की पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजरों से बच नहीं सकता. करीब तीन महीने पहले जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में हुई बुजुर्ग दिव्यांग महिला विश्वासी हन्ना तिरू की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसकी साजिश किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि महिला की सबसे भरोसेमंद केयरटेकर ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी.

क्या है पूरा मामला?
बीते 5 दिसंबर 2025 को हटिया सिंहमोड़ स्थित विजेता इंक्लेव के एक फ्लैट में विश्वासी हन्ना तिरू की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. मृतका के पति स्टीफन तिरू (मेकॉन के पूर्व कर्मचारी) के निधन के बाद वह अकेली रहती थीं और चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वॉकर का सहारा लेती थीं. घटना के दिन जब उनका भतीजा अनिल खाना देने आया, तो उसने अपनी चाची को खून से लथपथ फर्श पर पड़ा पाया.पास ही खून से सना ब्लेड भी बरामद हुआ था.
साजिश के पीछे लालच और अवैध संबंध:
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर जगन्नाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह की टीम ने जब बारीकी से जांच की, तो शक की सुई घर के करीबियों पर जाकर टिकी. जांच में सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता केयरटेकर सलोमी होरो और उसका प्रेमी मोहम्मद शाहीन हैं. मृतका ने सलोमी पर भरोसा कर उसे अपनी 10 लाख रुपये की एफडी में नॉमिनी बनाया था. हाल ही में जब मालकिन ने सलोमी का नाम नॉमिनी से हटाकर अपने परिजनों का नाम डालने की चर्चा की, तो सलोमी डर गई. उसने तुरंत अपने प्रेमी शाहीन को इसकी जानकारी दी और हत्या का प्लान तैयार किया.
शाहीन, जो फेरी लगाकर कपड़े बेचता था, उसका सलोमी के साथ 2016 से अवैध संबंध था. 2019 में सलोमी के पति ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ा भी था, लेकिन 2024 में इनका मिलना-जुलना फिर शुरू हो गया.
वारदात को ऐसे दिया अंजाम:
शाहीन ने बिहार के भागलपुर से अपने दो साथियों, मोहम्मद आरिफ और हसन रज्जा को रांची बुलाया. आरोपी चार दिसंबर 2025 को ही हत्या करने आए थे, लेकिन घर में रिश्तेदारों की मौजूदगी के कारण लौट गए. अगले दिन मौका पाकर शाहीन और उसके साथियों ने बुजुर्ग महिला का गला रेत दिया.हत्या के बाद आरोपियों ने घर से करीब चार लाख रुपये के जेवर और नकदी लूटी और भागलपुर फरार हो गए.
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी:
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और आपसी संबंधों की कड़ी जोड़ते हुए तीन महीने बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सलोमी को लूट के माल में से केवल 20 हजार रुपये मिले थे, जबकि उसका मुख्य लक्ष्य 10 लाख की एफडी हड़पना था. पुलिस ने मुख्य आरोपी शाहीन सहित सलोमी, मोहम्मद आरिफ और हसन रज्जा को जेल भेज दिया है.

