Ranchi: झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले राज्यभर के वित्त रहित शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विधानसभा के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया. आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और उग्र होगा. इस कड़ी में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 17 मार्च को पुनः विधानसभा के सामने विशाल महाधरना दिया जाएगा.

अलग-अलग वेशभूषा में पहुंचे शिक्षक, सैकड़ों महिलाओं की रही भागीदारी
महाधरना की खास बात यह रही कि संस्कृत शिक्षक पीला वस्त्र धारण कर और मदरसा शिक्षक सफेद टोपी पहनकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. इस आंदोलन में सैकड़ों महिला शिक्षिकाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट दिखीं.
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है मोर्चा
बता दें कि झारखंड राज्य वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा पिछले कई वर्षों से अनुदान और सेवा शर्तों में सुधार के लिए संघर्ष कर रहा है. उनकी मुख्य मांगें है कि अनुदान की राशि में 75% की वृद्धि को तत्काल लागू करना (जिस पर वित्त एवं विधि विभाग की सहमति मिल चुकी है). वित्त रहित शिक्षा कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देना. सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का लाभ अनुदानित विद्यालयों की छात्राओं को देना. उन 21 विद्यालयों का अनुदान अविलंब जारी करना जिनकी राशि ‘अवधि विस्तार के नाम पर रोक दी गई है.
दो लाख छात्राओं का भविष्य अधर में
मोर्चा के नेताओं ने बताया कि सावित्रीबाई फुले योजना का लाभ न मिलने के कारण राज्य की लगभग दो लाख से अधिक बच्चियां प्रभावित हो रही हैं, हालांकि, सरकार ने सदन में आश्वासन दिया है कि इसी सत्र में नियमावली में संशोधन कर यह लाभ दिया जाएगा, लेकिन अब तक धरातल पर कुछ नहीं दिखा है. बैठक में प्रवक्ताओं ने कहा कि स्कूलों ने सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर दिए हैं, लेकिन विभागीय पोर्टल की कमियों के कारण त्रुटियां आ रही हैं, जिसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है. चेतावनी दी गई है कि यदि 20 मार्च तक अनुदान की राशि निर्गत नहीं हुई, तो नवरात्रि की छुट्टियों और बैंक बंद होने के कारण बजट लैप्स हो सकता है. महाधरना स्थल पर हुई अध्यक्ष मंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. 15 मार्च को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा. 17 मार्च को विधानसभा के समक्ष दोबारा महाधरना होगा. इसी दिन मुख्यमंत्री आवास घेराव की तिथि की घोषणा होगी.

