Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची को जाम के झंझट से मुक्ति दिलाने और सफर को हाईटेक बनाने की दिशा में शुक्रवार का दिन बेहद खास होने वाला है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 10 अप्रैल की सुबह 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रांची की दो अत्यंत महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. लगभग 303 करोड़ रुपये की लागत वाली ये योजनाएं न केवल शहर की ट्रैफिक सूरत बदलेंगी, बल्कि जमशेदपुर और हजारीबाग की ओर जाने वाले यात्रियों के समय में भी भारी बचत करेंगी.
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क्या होगा खास?
इस शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य रूप से दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगेगी, जो रांची के प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह सिग्नल फ्री और सुगम बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं.
रामपुर चौक ओवरब्रिज (रांची-जमशेदपुर रोड): एनएच-33 पर स्थित रामपुर चौक अक्सर भारी वाहनों के दबाव और दुर्घटनाओं के लिए जाना जाता है. यहां ओवरब्रिज बनने से रांची-जमशेदपुर के बीच का सफर बिना किसी रुकावट के पूरा होगा.
इरबा भूमिगत टनल (रांची-हजारीबाग रोड): हजारीबाग रोड जंक्शन (इरबा) के विकास के लिए एक अत्याधुनिक अंडरग्राउंड टनल का निर्माण किया जाएगा. यह झारखंड की कुछ चुनिंदा टनल परियोजनाओं में से एक होगी, जो इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना साबित होगी.
क्यों अहम हैं ये योजनाएं?
ये दोनों प्रोजेक्ट्स रांची के सर्कुलर कनेक्टिविटी मॉडल का हिस्सा हैं. इनका उद्देश्य शहर के बाहरी इलाकों में लगने वाले भारी जाम को खत्म करना और इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाना है. रामपुर और इरबा जैसे जंक्शनों पर लगने वाले 15-20 मिनट के जाम से मुक्ति मिलेगी. जंक्शन विकास और ओवरब्रिज से ब्लैक स्पॉट्स खत्म होंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी.
