साहब का पावर तो देखिए, राज्य सेवा में तैनात पत्नी को ले गए अपने होम कैडर में, राज्य सेवा के इतिहास में पहली घटना

रांची: अगर पति-पत्नी दोनों IAS हों तो सरकार प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति देर-सवेर दे ही देती है. ऐसे आईएएस कैडर में...

रांची: अगर पति-पत्नी दोनों IAS हों तो सरकार प्रतिनियुक्ति में जाने की अनुमति देर-सवेर दे ही देती है. ऐसे आईएएस कैडर में कई उदाहरण हैं. वहीं अगर आईपीएस पति दूसरे कैडर का हो और पत्नी झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हो, तो पत्नी की दूसरे राज्य में प्रतिनियुक्ति की संभावना नहीं रहती. लेकिन इस बार यह असंभव भी संभव हो गया है.

यूं कहें कि झारखंड सरकार पति-पत्नी के अटूट रिश्ते के बीच बाधा नहीं बनी और पत्नी को दूसरे राज्य में प्रतिनियुक्ति पर जाने की अनुमति दे दी. मध्य प्रदेश में प्रीमियम सेवा लागू है, लेकिन संजू कुमारी जब तक मध्य प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर रहेंगी तब तक उन्हें प्रोन्नति नहीं मिलेगी. अपने मूल कैडर में वापस आने के बाद ही उन्हें प्रोन्नति मिल सकेगी.

संजू कुमारी झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के चौथे बैच की अफसर हैं. उनके पति आशीष कुमार मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं.

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क्या है मामला

झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के चौथे बैच की अफसर संजू कुमारी को मध्य प्रदेश में योगदान देने के लिए तीन साल की प्रतिनियुक्ति की मंजूरी दी गई थी. इसके बाद संजू कुमारी ने एक साल का और एक्सटेंशन मांगा, जिसे मंजूरी भी मिल गई.

इसके बाद संजू कुमारी ने मध्य प्रदेश में ही सेवा समाहित करने के लिए झारखंड सरकार को पत्र लिखा. झारखंड सरकार ने भी मध्य प्रदेश में सेवा समाहित करने के लिए एनओसी दे दिया. हालांकि, मध्य प्रदेश सरकार ने इस संबंध में अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया है.

इधर, कार्मिक विभाग ने फिर रिमाइंडर भेजते हुए कहा है कि अगर वहां की सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी नहीं किया है, तो संजू कुमारी को अपने मूल कैडर में वापस आकर योगदान देना होगा.

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