बोकारो थर्मल ऐश पौंड में जारी है छाई का संकट, आ सकती है बिजली उत्पादन ठप होने की नौबत

बेरमो: डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट के नूरी नगर स्थित ऐश पौंड की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है. पिछले एक माह...

Bokaro thermal ash pond
खाली ऐश पौंड का कांटा घर और भरा पौंड

बेरमो: डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट के नूरी नगर स्थित ऐश पौंड की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है. पिछले एक माह से छाई के उठाव की धीमी गति ने प्लांट के सुचारू संचालन और बिजली उत्पादन के लक्ष्यों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. यदि समय रहते उठाव की गति नहीं बढ़ाई गई, तो ऐश पौंड पूरी तरह भर जाने से बिजली उत्पादन ठप होने की नौबत आ सकती है.

उत्पादन और उठाव में भारी अंतर

पावर प्लांट से प्रतिदिन औसतन 3000 मीट्रिक टन छाई ऐश पौंड में गिराई जाती है. इसके विपरीत, वहां कार्यरत चार कंपनियां मिलकर प्रतिदिन मात्र 1000 एमटी छाई का ही उठाव कर पा रही हैं. प्रतिदिन 2000 टन छाई पौंड में ही जमा हो रही है, जिससे पौंड की क्षमता तेजी से खत्म हो रही है.

वाहनों की कमी बनी मुख्य बाधा

वर्तमान में इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए मात्र 18 से 20 हाईवा ही लगाए गए हैं, जिनमें 12 हाईवा नेशनल हाईवे राजगंज कार्यस्थल के लिए, 3 हाईवा ऐश पौंड में साइट-टू-साइट शिफ्टिंग के लिए, 2 हाईवा बेरमो के लिए, 3 हाईवा पावर प्लांट रेलवे रैक साइट के लिए लगाये गये हैं. डीवीसी प्रबंधन के बार-बार निर्देश और प्रयासों के बावजूद ठेका कंपनियों ने वाहनों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं की है,जो सीधे तौर पर प्लांट के परिचालन के प्रति उनकी लापरवाही को दर्शाता है.

पर्यावरण और वन क्षेत्र को खतरा

स्थिति यह है कि दो नंबर ऐश पौंड संख्या पूरी तरह भर चुका है. एक नंबर पौंड से छाई का उठाव जारी है. उठाव कम होने के कारण छाई को पौंड के भीतर ही एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे छाई का एक विशाल पहाड़ खड़ा हो गया है. यह पहाड़ पर्यावरणीय संकट का कारण बन सकता है.

क्या कहते हैं अधिकारी

डीवीसी वरीय प्रबंधक बादल मंडल का कहना है कि कार्यरत कंपनियों द्वारा वाहनों की संख्या नहीं बढ़ाया जाना एक गंभीर समस्या है. जिस अनुपात में छाई का उत्पादन हो रहा है, उस अनुपात में उठाव नहीं होने से चुनौतियां बढ़ रही हैं. हमने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं.

यह भी पढ़ें: सामान्य अनुकंपा और जिला स्क्रीनिंग समिति की बैठक सम्पन्न, विभिन्न प्रशासनिक प्रस्तावों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *