न्यूज़ डेस्क : कीमती धातुओं के बाजार में इन दिनों भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. कुछ ही हफ्तों पहले जो चांदी आसमान छू रही थी, अब वही तेजी से फिसलती नजर आ रही है. अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से चांदी करीब 1.80 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो चुकी है. वहीं सोना भी दबाव में है और अपने हाई लेवल से लगभग 38,000 रुपये तक टूट चुका है. निवेशकों के बीच सवाल गूंज रहा है—क्या चांदी का बुलबुला सच में फूट गया है?

29 जनवरी को बनाया था इतिहास, अब तेजी से गिरावट.
29 जनवरी को चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था और 4,20,048 रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी. उस समय बाजार में जबरदस्त तेजी का माहौल था. लेकिन इसके बाद रुख अचानक पलट गया. मौजूदा स्तर पर देखें तो चांदी अपने शिखर से लगभग 1,80,157 रुपये प्रति किलो तक नीचे आ चुकी है. यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.
एमसीएक्स पर खुलते ही भारी फिसलन, एक झटके में हजारों की गिरावट.
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने खुलते ही कमजोर शुरुआत की. 5 मार्च एक्सपायरी वाला कॉन्ट्रैक्ट सोमवार को 2,39,891 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था, लेकिन मंगलवार को ओपनिंग में ही गिरकर 2,35,206 रुपये प्रति किलो पर आ गया. यानी महज एक झटके में 4,685 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई.
सोना भी दबाव में, बाजार में बढ़ी सतर्कता.
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी नरमी बनी हुई है. सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 38,000 रुपये तक सस्ता हो चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेत, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली जैसे कारणों से कीमती धातुओं में यह दबाव बना है. फिलहाल बाजार में अस्थिरता का दौर जारी है और निवेशक हर उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखे हुए हैं.

