News Desk: भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने टी-20 विश्व कप में खिताब बचाने को अपने करियर के सबसे यादगार पलों में से एक बताया है. उनका कहना है कि मुश्किल और दबाव भरे हालात में टीम की जिम्मेदारी उठाना उन्हें हमेशा प्रेरित करता है. रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ Narendra Modi Stadium में खेले गए मुकाबले में बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके और भारत की 96 रन की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया. इस जीत के साथ इंडियन टीम ने न केवल अपना टी-20 विश्व कप खिताब बरकरार रखा, बल्कि तीन बार यह ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बनकर इतिहास भी रच दिया.

बुमराह ने कहा कि उन्होंने क्रिकेट की शुरुआत ही इस मकसद से की थी कि वह टीम के लिए फर्क पैदा कर सकें. उनके मुताबिक जब वह मैदान पर कोई सकारात्मक बदलाव ला पाते हैं तो उन्हें सबसे ज्यादा संतोष मिलता है और इससे बढ़कर उनके लिए कोई एहसास नहीं है. गुजरात में जन्मे इस तेज गेंदबाज के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि यह उसी मैदान पर मिली जहां से उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत हुई थी—Narendra Modi stadium
जसप्रीत बुमराह ने कहा कि उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत इसी मैदान से हुई और उन्होंने अपना अधिकांश घरेलू क्रिकेट भी यहीं खेलते हुए गुजरात के लिए खेलकर आगे बढ़ाया. उन्होंने कहा कि इसी जगह विश्व कप जीतना और ‘मैन ऑफ द मैच’ बनना उनके लिए बेहद खास पल है.
बुमराह ने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार ICC Cricket World Cup 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलियन टीम के खिलाफ टीम जीत से थोड़ा दूर रह गई थी, लेकिन इस बार खिताब जीतने की खुशी उन्हें बेहद संतोष दे रही है.
जसप्रीत बुमराह ने खिताबी जीत के दौरान परिवार की मौजूदगी को बेहद भावुक और निजी पल बताया. उन्होंने कहा कि उस खास मौके पर उनका बेटा और मां भी स्टेडियम में मौजूद थे, जिससे जीत की खुशी और बढ़ गई.बुमराह ने कहा कि लगातार दो विश्व कप जीतना आसान नहीं होता और वह इस उपलब्धि के लिए ईश्वर के आभारी हैं. उनके मुताबिक यह पल उनके लिए बेहद खास है और इससे ज्यादा वह शायद सोच भी नहीं सकते थे.

