Ranchi: राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के मौके पर राजधानी में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बड़ा विजन सामने रखा.उन्होंने कहा कि झारखंड को स्वास्थ्य सेवाओं में देश में तीसरे स्थान से नंबर-1 पर पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है. साथ ही मातृ मृत्यु दर को शून्य के करीब लाने का संकल्प दोहराया.
मंत्री ने भावुक लहजे में कहा, किसी भी मां की मौत स्वीकार नहीं है. सुरक्षित मातृत्व हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 42 हजार सहिया कार्यकर्ताओं को एक महीने के भीतर टैब दिए जाएंगे, जिससे हेल्थ सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा.
किशोरियों पर फोकस, एनीमिया पर नियंत्रण
सरकार किशोरियों की शिक्षा, 18 वर्ष के बाद विवाह और एनीमिया नियंत्रण पर विशेष ध्यान दे रही है. मंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे के लिए यह बुनियादी कदम हैं.
थैलेसीमिया-एनीमिया पर मेगा अभियान:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यभर में थैलेसीमिया, सिकल सेल और एनीमिया की व्यापक स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी. यूनिसेफ के सहयोग से जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया जा रहा है. सहिया कार्यकर्ताओं और नर्सों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि वे 24 घंटे सेवा देकर संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रही हैं. ममता वाहन जैसी सेवाएं गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं.
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स्वास्थ्य सूचकांक ही असली विकास:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि किसी भी राज्य का वास्तविक विकास मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर जैसे सूचकों से तय होता है. झारखंड ने सुधार किया है, लेकिन वैश्विक स्तर तक पहुंचना अभी बाकी है. तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मातृ मृत्यु दर को सिंगल डिजिट तक लाया जा सके.
