रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) से संबंधित एक याचिका की सुनवाई के दौरान तथ्यों के छिपाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने अख्तरी खातून की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश पारित किया है. अख्तरी खातून ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके बेटे के लापता होने की शिकायत की थी. पिछली सुनवाई के दौरान चतरा के एसपी अदालत में हाजिर हुए थे और उन्होंने कोर्ट को बताया था कि टंडवा थाना प्रभारी अनिल उरांव और इस मामले के जांच अधिकारी अमित कुमार को विभागीय कार्यवाही के तहत निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है. इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पियूष चित्रेश ने पक्ष रखा.


