चतरा: जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला थाना प्रभारी द्वारा एक कुख्यात अफीम तस्कर को साथ लेकर नियमविरुद्ध छापेमारी करने और ग्रामीणों द्वारा उसका विरोध किए जाने से जुड़ा है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की भारी किरकिरी हो रही है.
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क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को गिद्धौर थाना प्रभारी शिवा यादव एक नीले रंग की बलेनो कार (संख्या: JH02BF3806) से राजपुर थाना क्षेत्र के बिंधानी गांव पहुंचे थे. उनके साथ कोई सरकारी बल या वर्दीधारी जवान नहीं, बल्कि बिट्टू दांगी नामक एक शख्स और CCTNS ऑपरेटर दिलीप प्रजापति मौजूद थे. टीम ने वहां एक युवक को जबरन गाड़ी में बिठाने की कोशिश की, जिसे देख ग्रामीण आक्रोशित हो गए. जब ग्रामीणों ने विरोध किया और पूछताछ की, तो गाड़ी में मौजूद बिट्टू दांगी ने खुद को थाने का ड्राइवर बताया. हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि बिट्टू दांगी कोई पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि नशीले पदार्थ और कई अन्य आपराधिक मामलों का आरोपी है और जेल की हवा भी खा चुका है.
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प्राइवेट गाड़ी और तस्कर साथी पर उठे सवाल
– जब थाने में सशस्त्र बल और सरकारी वाहन उपलब्ध थे, तो थाना प्रभारी एक निजी विवादित कार से दूसरे थाना क्षेत्र क्यों गए?
-क्या थाना प्रभारी को अपने मातहत अधिकारियों और सरकारी चालकों पर भरोसा नहीं है, जो उन्हें एक दागी अपराधी को साथ ले जाना पड़ा?
-छापेमारी के नाम पर बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए दूसरे क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई के पीछे क्या मंशा थी?
