Ranchi: CNT एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-फरोख्त करने के जुर्म में जेल में बंद पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एनोस एक्का को जमानत दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने 6 अप्रैल को CBI और एनोस एक्का की ओर से बहस पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुनाया और एनोस एक्का को बेल दे दी.
जमीन घोटाले में कोर्ट का सख्त फैसला
एनोस एक्का को रांची स्थित CBI की विशेष कोर्ट ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा CNT एक्ट के उल्लंघन के मामले में दी गई थी, जिसमें जमीन की अवैध खरीद-बिक्री का आरोप साबित हुआ।
CNT एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा यह मामला करीब 15 साल पुराना है। इस केस में रांची CBI की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन LRDC कार्तिक कुमार प्रभात समेत अन्य को दोषी पाया है।
पद का दुरुपयोग कर जमीन खरीदी
जांच में यह सामने आया कि मंत्री रहते हुए एनोस एक्का ने अपने पद का दुरुपयोग किया और फर्जी पते का इस्तेमाल कर आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की। यह CNT एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन माना गया।
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पत्नी के नाम पर संपत्ति
मामले में यह भी सामने आया कि एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर विभिन्न जगहों पर जमीन खरीदी गई थी। इसमें हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ और चुटिया के सिरम टोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन शामिल है। यह सभी खरीदारी मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी।
