News Desk: बि हार में आने वाले वर्षों में सड़क और पुल निर्माण को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. पटना में हुई एक अहम बैठक में 46 नेशनल हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा की गई. इस दौरान लंबित प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए एक ठोस मास्टर प्लान तैयार किया गया, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा.

तेजी से पूरी होंगी लंबित परियोजनाएं
बैठक में यह साफ किया गया कि अब किसी भी परियोजना में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. मास्टर प्लान के तहत काम की नियमित निगरानी की जाएगी.
आमस-दरभंगा फोरलेन: जल्द मिलेगा राहत
आमस-दरभंगा फोरलेन परियोजना को प्राथमिकता दी गई है. इसे दिसंबर 2026 तक हर हाल में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. यह सड़क उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी और यात्रा समय को काफी कम कर देगी.
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी तेज
बिहार में अक्सर परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण के कारण अटक जाती हैं. अब इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा. नई परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी.
अन्य प्रमुख हाईवे परियोजनाओं की स्थिति
वाराणसी-कोलकाता सिक्सलेन और आरा-मोहनिया फोरलेन परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने की योजना है. वहीं, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन जून 2028 तक और कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क दिसंबर 2028 तक तैयार होगी. इसके अलावा खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन भी 2028 के अंत तक पूरा हो जाएगा.
देरी पर सख्ती, काम में नहीं होगी ढिलाई
अधिकारियों ने साफ कहा है कि काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही 2026-27 में शुरू होने वाली नई परियोजनाओं की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
बिहार के विकास को मिलेगी रफ्तार
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में आवागमन आसान होगा. साथ ही व्यापार, उद्योग और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिहार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

