कांग्रेस भवन में सिद्धू-कान्हू और ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि, विचारों को अपनाने का संकल्प

Ranchi: रांची स्थित कांग्रेस भवन में अमर शहीद सिद्धू-कान्हू मुर्मू और समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ...

Ranchi: रांची स्थित कांग्रेस भवन में अमर शहीद सिद्धू-कान्हू मुर्मू और समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने दोनों महान हस्तियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया.

हूल आंदोलन को बताया ऐतिहासिक क्रांति

कार्यक्रम में नेताओं ने सिद्धू-कान्हू के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जून 1855 में हजारों संथालों के साथ मिलकर “हूल” आंदोलन की शुरुआत की थी. उनका यह संघर्ष देश के इतिहास में एक बड़ी क्रांति के रूप में दर्ज है, जिसने आजादी की लड़ाई को नई दिशा और ताकत दी.

ALSO READ: लोहरदगा : सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में ‘अभिभावक गोष्ठी’ का आयोजन, खेल-खेल में शिक्षा और संस्कार पर जोर

सामाजिक सुधार और शिक्षा के लिए फुले का योगदान

वहीं ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि देते हुए नेताओं ने कहा कि उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया. उन्होंने महिलाओं, पिछड़े और दलित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य किया और शिक्षा को बढ़ावा दिया.

नेताओं ने बताया कि ज्योतिबा फुले ने “सत्यशोधक समाज” की स्थापना कर जाति प्रथा का विरोध किया और सभी वर्गों को शिक्षा दिलाने का प्रयास किया. महिलाओं की शिक्षा के लिए उन्होंने पहली महिला पाठशाला शुरू की, जिसमें उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने भी अहम भूमिका निभाई.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *