RANCHI: बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में अफसरशाही के रवैये पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ अधिकारी “तानाशाह” बन चुके हैं और जनप्रतिनिधियों को सम्मान देने के बजाय उन्हें दरबारी समझने लगे हैं.
मामला जमुआ की भाजपा विधायक मंजू कुमारी से जुड़ा है, जो अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने पहुंची थीं. आरोप है कि इस दौरान अधिकारी का व्यवहार अहंकार से भरा और अपमानजनक रहा.
ये तस्वीर नहीं, सिस्टम की सड़ांध है
मरांडी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सामने आई तस्वीर सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि “सत्ता के घमंड और खराब व्यवस्था का जीता-जागता सबूत” है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में जनता के चुने प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार सही है?
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विधायक की इज्जत नहीं, तो जनता की क्या होगी?
मरांडी ने कहा कि जब एक विधायक के साथ ऐसा बर्ताव हो सकता है, तो आम जनता के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री आम लोगों को सम्मान देते हैं, तो राज्य के अफसर किस घमंड में हैं?
भ्रष्टाचार में डूबा विभाग, ऊपर से घमंड
उन्होंने पथ निर्माण विभाग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह विभाग पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा है और अब उसके अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भी “दरबारी” समझने लगे हैं. खास बात यह बताई कि एक महिला विधायक के साथ ऐसा व्यवहार और भी शर्मनाक है.
CM से सीधी चेतावनी
मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसे “बेलगाम और घमंडी” अधिकारियों को उनकी हद बताई जाए और यह समझाया जाए कि वे जनता के सेवक हैं, शासक नहीं.
