रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 16वें दिन सदन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल को लेकर माहौल गरमा गया. विधायक द्वारा आपत्तिजनक शब्दों के उपयोग पर विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही.

नीरा यादव का आरोप
विधायक नीरा यादव ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि सदन में बार-बार असंसदीय भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने विशेष रूप से समीर मोहंती द्वारा ऐसे शब्दों के इस्तेमाल का जिक्र किया और इस पर कड़ी आपत्ति जताई.
छात्राओं का हवाला
नीरा यादव ने यह भी कहा कि सदन की कार्यवाही को स्कूली बच्चियां देख रही हैं, ऐसे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल गलत संदेश देता है. उन्होंने सदन की मर्यादा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया.
Also Read: अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर नकेल: इंटरपोल की मदद से 47 भगोड़ों को लाया गया भारत वापस
स्पीकर का हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने पर स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित आपत्तिजनक शब्द को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है. उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों को “स्पंज” कर दिया गया है और आगे इस तरह की घटनाओं से बचना चाहिए.
विपक्ष की भावना जायज
सुदिव्य सोनू ने भी विपक्ष की भावनाओं को जायज ठहराया और कहा कि सदन में गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि स्पीकर द्वारा शब्द हटाने का निर्णय उचित है.
संसदीय परंपरा की याद दिलाई
स्पीकर ने कहा कि विधानसभा में संसदीय और असंसदीय शब्दों का स्पष्ट शब्दकोष मौजूद है. ऐसे में किसी भी सदस्य को ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए, जिससे दूसरे सदस्यों को ठेस पहुंचे.
सरकार की ओर से माफी
संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पूरे मामले पर खेद जताते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सवाल-जवाब के दौरान ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए और इस घटना के लिए उन्होंने क्षमा भी मांगी.

