गुमला: उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान 2026 के तहत गुरुवार को मंडल कारा, गुमला में विशेष आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में कारा में निरुद्ध बंदियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई और ऑन-द-स्पॉट पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच सुनिश्चित की गई.
उच्च जोखिम मानकर सभी बंदियों की जांच
मंडल कारा को उच्च जोखिम क्षेत्र मानते हुए सभी बंदियों का क्रमवार एक्स-रे परीक्षण किया गया, ताकि संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार दिया जा सके. इसके साथ ही बंदियों और कारा कर्मियों का ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, एचआईवी और बलगम जांच भी की गई.
शिविर का हुआ शुभारंभ
आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारंभ जेल अधीक्षक गोपाल चंद्र महतो द्वारा एक्स-रे जांच के साथ किया गया. कार्यक्रम का संचालन विनय कुमार गुप्ता, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला यक्ष्मा केंद्र, गुमला द्वारा किया गया.
स्वास्थ्य अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, डॉ. क्रिस्टो मंगल बोदरा, सुधांशु भूषण मिश्रा, राजेश उरांव, सुब्रतो शाहा और एक्स-रे तकनीशियन उपेंद्र साहू सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे. साथ ही ‘रीच’ संस्था की राखी कुमारी का भी सहयोग रहा.
यक्ष्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
शिविर के दौरान कारा परिसर में टीबी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. डॉ. के.के. मिश्रा ने बंदियों को टीबी के लक्षण, संक्रमण, जांच और उपचार की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाला रोग है, बशर्ते समय पर पहचान और नियमित दवा सेवन किया जाए.
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अधिकारियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक ने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों का स्वागत करते हुए इस पहल को सराहनीय बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों से बंदियों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है.
टीबी मुक्त गुमला की दिशा में प्रयास
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह के लगातार प्रयासों से गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.
