Lifestyle Desk: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में बालों का झड़ना एक आम समस्या बन चुका है. जब भी हम कंघी में फंसे बालों के गुच्छे देखते हैं, तो अक्सर इसका कारण सीधे तौर पर तनाव (स्ट्रेस) को मान लिया जाता है
यह सच है कि मानसिक तनाव बालों की सेहत को प्रभावित करता है, लेकिन बहुत ज्यादा हेयर फॉल के पीछे केवल यही एक कारण नहीं होता. अक्सर लोग महंगे शैम्पू और सीरम का इस्तेमाल बदलते रहते हैं, फिर भी समस्या कम नहीं होती क्योंकि असली वजहें कहीं और होती हैं. आइए जानते हैं उन कारणों के बारे में जो बालों के झड़ने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं.
पोषक तत्वों की कमी से बढ़ रहा हेयर फॉल
बाल मुख्य रूप से केराटिन प्रोटीन से बने होते हैं. ऐसे में अगर आपकी डाइट में प्रोटीन, आयरन, विटामिन-बी12 और विटामिन-डी जैसे जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते, तो बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं.
खासकर भारतीय महिलाओं में आयरन की कमी को हेयर फॉल का एक प्रमुख कारण माना जाता है. शरीर में आयरन कम होने पर बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाती, जिससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं.
हेयर फॉल की बड़ी वजह: हार्मोनल असंतुलन
शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव बालों के विकास चक्र को सीधे प्रभावित करते हैं. कई बार इसी कारण बाल तेजी से झड़ने लगते हैं.
- PCOS: महिलाओं में एंड्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने से बाल पतले होकर टूटने लगते हैं.
- थायरॉइड समस्या: थायरॉइड ग्लैंड का कम या अधिक सक्रिय होना भी बालों के झड़ने का एक बड़ा कारण है.
- प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज: डिलीवरी के बाद या मेनोपॉज के समय एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट आने से अचानक और ज्यादा हेयर फॉल देखने को मिलता है.
हेयर फॉल का कारण: गलत हेयर केयर और केमिकल्स का असर
आजकल विज्ञापनों और ट्रेंड्स को देखकर लोग बालों पर कई तरह के प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स आज़माने लगते है. सल्फेट और पैराबेन युक्त शैम्पू का लगातार इस्तेमाल, बार-बार हेयर कलर कराना, रिबॉन्डिंग या स्मूथनिंग जैसे केमिकल ट्रीटमेंट्स बालों की जड़ों को कमजोर कर सकते हैं.
इसके अलावा, अधिक मात्रा में हीट स्टाइलिंग करने से बालों की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है, जिससे वे रूखे होकर बीच से टूटने लगते हैं.
बाल झड़ने की वजह: जेनेटिक कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार
अगर परिवार में माता-पिता या किसी करीबी रिश्तेदार को कम उम्र में बाल झड़ने की समस्या रही है, तो इसके पीछे जेनेटिक कारण हो सकते हैं. इसे मेडिकल भाषा में एंड्रोजेनिक एलोपेसिया कहा जाता है.
ALSO READ: गिरिडीह: झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव में मीरा कुमारी की जीत, अधिवक्ता समुदाय में खुशी
इस स्थिति में बाल धीरे-धीरे पतले होने लगते हैं और समय के साथ स्कैल्प स्पष्ट दिखने लगती है.
डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन से बढ़ रहा हेयर फॉल
स्वस्थ बालों के लिए एक स्वस्थ स्कैल्प बेहद जरूरी है. लंबे समय तक रहने वाला डैंड्रफ, फंगल इंफेक्शन या सोरायसिस जैसी समस्याएं स्कैल्प में सूजन पैदा कर सकती हैं.
यह सूजन बालों के फॉलिकल्स को कमजोर करती है, जिससे बाल अपनी जड़ों से ढीले होकर तेजी से झड़ने लगते हैं.
