रांची: झारखंड में अधिवक्ताओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और हमलों की बढ़ती घटनाओं पर यंग लॉयर्स एसोसिएशन (YLA), झारखंड हाई कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है. एसोसिएशन ने राज्य के डीजीपी को एक औपचारिक पत्र लिखकर वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस के व्यवहार में सुधार लाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता पर हमला
एसोसिएशन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है, कि वकीलों के खिलाफ हो रही हिंसा या पुलिसकर्मियों द्वारा किया जा रहा दुर्व्यवहार केवल व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है. यह सीधे तौर पर कानूनी पेशे की गरिमा और न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता पर हमला है. YLA के अनुसार, वकील कोर्ट के अधिकारी होते हैं और उनके काम में किसी भी प्रकार का गैर-कानूनी हस्तक्षेप ‘रूल ऑफ लॉ के विरुद्ध है.
चलाए जाएं विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम
एसोसिएशन ने मांग करते हुए कहा, कि राज्य के सभी पुलिस थानों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे अधिवक्ताओं के साथ संवैधानिक मर्यादा के भीतर व्यवहार करें. पुलिस बल के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएं, जिसमें प्रोफेशनल व्यवहार, संवैधानिक मूल्यों और सॉफ्ट स्किल्स पर ध्यान दिया जाए.
