NEWS DESK: देश में एक खतरनाक नशीले पदार्थ को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है, जिसे आम भाषा में “जॉम्बी ड्रग” कहा जा रहा है. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है. इन वीडियो में लोग सड़कों पर बिना हिले-डुले, एक ही स्थिति में खड़े नजर आ रहे हैं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है. VIRAL VIDEO
क्या है जॉम्बी ड्रग
विशेषज्ञों के मुताबिक इस ड्रग में ज़ाइलाज़ीन (Xylazine) नामक केमिकल पाया जाता है, जो मूल रूप से पशुओं को शांत करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ट्रैंक्विलाइज़र है. इसे अक्सर फेंटेनिल (Fentanyl) जैसे शक्तिशाली ओपिओइड्स के साथ मिलाकर अवैध रूप से तैयार किया जाता है. इसका असर इतना खतरनाक होता है कि व्यक्ति होश में रहते हुए भी अपने शरीर पर नियंत्रण खो देता है. वह लंबे समय तक एक ही अवस्था में रह सकता है और शरीर पूरी तरह सुन्न हो जाता है.
कहां-कहां सामने आए मामले
इस खतरनाक ट्रेंड की शुरुआत चंडीगढ़ से वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ी मानी जा रही है, जिसमें एक डिलीवरी बॉय करीब दो घंटे तक सड़क पर स्थिर खड़ा दिखाई दिया. इसके बाद बेंगलुरु के बागलूर इलाके और बिहार के कुछ हिस्सों से भी इसी तरह के वीडियो सामने आए हैं. इन घटनाओं ने “जॉम्बी जैसी स्थिति” को लेकर लोगों के बीच डर पैदा कर दिया है.
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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
इन मामलों के सामने आने के बाद कई राज्यों की पुलिस और स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. संदिग्ध पदार्थों की जांच और अवैध ड्रग नेटवर्क पर निगरानी बढ़ा दी गई है. हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं हुई है कि सभी मामलों में यही ड्रग शामिल है, लेकिन विशेषज्ञ इसे संभावित खतरे के रूप में देख रहे हैं.
युवाओं के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सिंथेटिक ड्रग्स का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ सकता है. यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है. अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की गई है कि वे बच्चों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें.
विशेषज्ञों की चेतावनी
ड्रग विशेषज्ञों के अनुसार ज़ाइलाज़ीन का लगातार सेवन शरीर में घाव, संक्रमण और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकता है. यह दवा इंसानों के लिए स्वीकृत नहीं है, इसलिए इसका उपयोग बेहद खतरनाक माना जाता है.
सतर्कता ही बचाव
हालांकि अभी इस ड्रग के बड़े स्तर पर फैलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो एक संभावित खतरे की ओर इशारा जरूर कर रहे हैं. ऐसे में सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि यह समस्या गंभीर रूप न ले. यह सिर्फ सोशल मीडिया की सनसनी नहीं, बल्कि समय रहते सावधान रहने की चेतावनी भी हो सकती है.
