Ranchi: झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब आपके बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक सिर्फ पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों में भी महारत हासिल करेंगे. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के सभी सहायक शिक्षकों और सहायक आचार्यों के लिए ‘साधना सप्ताह के तहत विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है. सरकार के उप सचिव सह नोडल पदाधिकारी (मिशन कर्मयोगी) अनूप कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह प्रशिक्षण 2 अप्रैल से शुरू हो चुका है और 8 अप्रैल 2026 तक चलेगा. शिक्षकों को iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर लॉगिन कर कम से कम 4 घंटे के पाठ्यक्रम को पूरा करना होगा.
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इसलिए यह प्रशिक्षण है अनिवार्य
शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों (जैसे वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट) के प्रति जागरूक करना. शिक्षक अपने ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी की मदद से कोर्स पूरा कर सकेंगे. मोबाइल नंबर से लॉगिन न होने पर विभाग ने हेल्पडेस्क ईमेल (planedujhar@gmail.com) भी जारी किया है.
इन 8 विषयों के एक्सपर्ट बनेंगे शिक्षक
शिक्षकों के लिए जो पाठ्यक्रम तय किए गए हैं, वे आज के डिजिटल युग की सबसे बड़ी जरूरत हैं. इनमे इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, नई तकनीकों को समझने के लिए AI कीमूल बातें और नैतिकता की शिक्षा में AI का सही और नैतिक इस्तेमाल, साइबर सुरक्षा (कार्यस्थल) डेटा और सिस्टम को हैकर्स से बचाने के लिए, डिजिटल अरेस्ट और धोखाधड़ी, ऑनलाइन स्कैम से खुद को और छात्रों को बचाना, भारतीय ज्ञान प्रणाली शिक्षा में भारतीय परंपराओं का समावेश और ऑफिस वर्क और प्रेजेंटेशन को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा.
