Chaibasa: झारखंड-ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध बालू उत्खनन और तस्करी का धंधा कथित रूप से धड़ल्ले से जारी है. ओडिशा के क्योंझर जिला अंतर्गत चंपुआ तहसील के भंडा इलाके में रेत माफियाओं की गैर-कानूनी गतिविधियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ढीली व्यवस्था और कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध रेत तस्करी बेरोकटोक चल रही है, जिससे क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश है.

रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक की जा रही अवैध बालू की ढुलाई
मिली जानकारी के अनुसार, मरमेडो नाला के कंदनाली घाट, जिसे चत्री गढ़ुआ घाट भी कहा जाता है तथा भंडा कब्रिस्तान घाट से प्रतिदिन रात करीब 11 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की अवैध ढुलाई की जा रही है. कंदनाली घाट से भंडा-बंसाही रोड पर भारी बालू लदे ट्रैक्टरों के लगातार परिचालन से सड़क जर्जर हो गई है. इससे ग्रामीणों और आम राहगीरों का आवागमन काफी कठिन हो गया है. बताया गया है कि कंदनाली चत्री घाट से निकलने वाले ट्रैक्टर बंसाही होते हुए भंडा-बंकासाही चौक की ओर जाते हैं. वहीं, भंडा कब्रिस्तान घाट से बालू लेकर ट्रैक्टर भंडा पेट्रोल पंप के पीछे बनाए गए कथित अवैध बालू डिपो तक पहुंचते हैं. वहां से बालू को भंडा मुख्य सड़क के रास्ते विभिन्न इलाकों में भेजा जा रहा है.
खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार पर नहीं हो रही किसी तरह की कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि भंडा बाजार के भीतर तेज रफ्तार से दौड़ रहे भारी बालू लदे ट्रैक्टर आम लोगों के लिए खतरा बन गए हैं. सुबह के समय स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, कामकाजी लोग और बाजार आने-जाने वाले ग्रामीण हमेशा दुर्घटना की आशंका से भयभीत रहते हैं. लोगों का आरोप है कि खुलेआम हो रहे इस अवैध कारोबार के बावजूद स्थानीय पुलिस, खान विभाग और तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है. रात के अंधेरे में बेखौफ चल रहे इस कथित अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगने से कई सवाल उठ रहे हैं. क्षेत्र में लोग बालू माफिया और प्रशासन के बीच सांठगांठ का भी आरोप लगा रहे हैं.
भंडा इलाके के बुद्धिजीवियों और आम लोगों ने इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए चंपुआ तहसील प्रशासन और क्योंझर जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. लोगों ने रात में होने वाले अवैध बालू उत्खनन और तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
जगन्नाथपुर क्षेत्र में भी जारी अवैध बालू उत्खनन
वहीं, झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोंक्वा नाला से भी कथित रूप से धड़ल्ले से अवैध बालू उत्खनन जारी रहने की बात सामने आ रही है. इसी थाना क्षेत्र के वैतरणी घाट से भी भारी मात्रा में बालू का अवैध उत्खनन किए जाने का आरोप है.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, माफियाओं द्वारा वैतरणी घाट से निकाले गए बालू को काड़ों कोड़ा, मानिकपुर, माना बेड़ा, दलपोस और बांस कांटा सहित अन्य क्षेत्रों में छिपाकर रखा गया था. अब कथित रूप से मौका देखकर उस बालू को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वैतरणी नदी स्थित छठ घाट से लगातार बालू उत्खनन के कारण घाट का स्वरूप बदल गया है. अत्यधिक दोहन के कारण कई स्थानों पर तालाबनुमा गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को संभावित दुर्घटनाओं का भी खतरा बना हुआ है.
इस संबंध में जगन्नाथपुर थाना प्रभारी टिंकू कुमार दास ने कहा कि थाना क्षेत्र में कहीं भी अवैध बालू उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मामले की जानकारी मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सीमावर्ती झारखंड-ओडिशा क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अवैध बालू उत्खनन और तस्करी की शिकायतों पर लोगों ने दोनों राज्यों के संबंधित प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग से संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.
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