रांची: झारखंड सरकार के सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य के सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवंटित बजट राशि को खर्च करने की अनुमति प्रदान कर दी है. राज्यपाल की स्वीकृति के बाद झारखंड विनियोग अधिनियम, 2026 के तहत अब राज्य की संचित निधि से विकास कार्यों और स्थापना व्यय के लिए राशि निकाली जा सकेगी.

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एक अप्रैल से लागू होगी व्यवस्था
जारी आदेश के अनुसार, बजट में प्रावधानित राशि का उपयोग एक अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि के दौरान किया जा सकेगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट का पूरा विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है.
खर्च के लिए इन 5 मुख्य नियमों का पालन अनिवार्य
विभागीय सचिव ने राशि की निकासी और व्यय को लेकर कुछ सख्त तकनीकी निर्देश दिए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे. किसी भी योजना (राज्य या केंद्र प्रायोजित) के लिए राशि जारी करते समय स्कीम कोड योजना का नाम’ और ‘योजना का वर्गीकरण’ (जैसे- केंद्र प्रायोजित या राज्य स्कीम) का उल्लेख करना अनिवार्य होगा.
भारत सरकार से प्राप्त होने वाली राशि की सूचना अब संदेश एप पर दी जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उसी मोबाइल नंबर से इस एप पर रजिस्टर करें जो PFMS पोर्टल पर दर्ज है. वेतन हो या कोई विकास योजना, सभी बिलों और आवंटन आदेशों में 20 अंकों वाले विस्तृत बजट शीर्ष का जिक्र करना जरूरी है. बजट राशि की स्वीकृति और आवंटन की पूरी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से ऑनलाइन ही निष्पादित की जाएगी.
