केरेडारी सीएचसी में लापरवाही का बड़ा मामला, बिना एक्सपायर दवाओं को जलाने का आरोप

हजारीबाग : केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि...

हजारीबाग :  केरेडारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि अस्पताल में सरकारी दवाइयों को स्टोर में पड़े-पड़े एक्सपायर होने दिया जाता है और बाद में उन्हें चोरी-छिपे जलाकर नष्ट कर दिया जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर अस्पताल में कम और निजी क्लिनिक में ज्यादा समय बिताते हैं, जिसके कारण मरीजों को सरकारी दवाओं का लाभ नहीं मिल पाता है.

Also Read : पलामू के साथ सौतेला व्यवहार जारी: आशुतोष कुमार तिवारी

कूड़ेदान में जलती मिली लाखों की दवाइयां


मंगलवार सुबह यह मामला तब उजागर हुआ जब सीएचसी परिसर से धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. वहां उन्होंने अस्पताल के पीछे कूड़ेदान में बड़ी मात्रा में दवाइयों, सिरप, इंजेक्शन और अन्य मेडिकल सामग्री को जलते हुए देखा. ग्रामीणों के अनुसार कई दवाइयां एक्सपायर भी नहीं थीं और उनका मूल्य लाखों रुपये बताया जा रहा है. लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सिविल सर्जन और उपायुक्त को जांच के लिए भेजा है.

Also Read : गुमला : चैनपुर में लाठी के वार से युवक की हत्या, गांव में सनसनी, प्रेम प्रसंग बनी वजह

बाहरी दवा लिखने का आरोप, जांच की मांग तेज


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को अक्सर बाहर की दवाइयां लिखी जाती हैं, यहां तक कि गर्भवती महिलाओं को भी निजी दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है. इस मामले में भाजपा नेता नरेश महतो और आजसू नेता कंचन यादव ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है और स्टोर कीपर को हटाने की बात कही है. वहीं सीएचसी प्रभारी नफीस अंजुम ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि अस्पताल में दवाइयां समय पर बांट दी जाती हैं और कोई दवा बर्बाद नहीं होती है.

Also Read : डिजिटल इंडिया के दौर में चतरा के गांवों में नेटवर्क का संकट, पेड़ और पहाड़ बने लोगों का सहारा

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *