SAURAV SINGH

रांची: हेमंत सरकार में जल्द ही झारखंड पुलिस की तस्वीर बदलने वाली है. हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. जगन्नाथपुर मंदिर के समीप स्थित यह केंद्र न केवल शहर की विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद करेगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में क्विक रिस्पॉन्स टीम’ के रूप में कार्य करेगा.
क्यों पड़ी इस नए कंट्रोल रूम की जरूरत?
वर्तमान में रांची की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था का जिम्मा कचहरी चौक स्थित कंपोजिट कंट्रोल रूम (CCR) पर है,हालांकि, राजधानी के बढ़ते विस्तार और सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण कचहरी से शहर के दूसरे छोर तक पुलिस बल या दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में अक्सर काफी समय लग जाता था.
खासकर विधानसभा, हाई कोर्ट, प्रोजेक्ट भवन और पुलिस मुख्यालय जैसे अति-महत्वपूर्ण संस्थानों के इस नए इलाके में शिफ्ट होने के बाद, सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां एक कंट्रोल सेंटर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी.
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नए कमांड सेंटर की मुख्य विशेषताएं:
यह सेंटर केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि एक पूर्ण सुरक्षा परिसर के रूप में विकसित किया गया है. यहां 200 पुरुष और 100 महिला पुलिसकर्मियों के रहने की आधुनिक व्यवस्था की गई है. आपात स्थिति से निपटने के लिए परिसर में ही दमकल की गाड़ियां, वज्र वाहन और अन्य त्वरित प्रतिक्रिया वाहन तैनात रहेंगे. जगन्नाथपुर मंदिर के पीछे और विधानसभा जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित होने के कारण, यहां से वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जा सकेगी.
2019 में रखी गई थी प्रोजेक्ट की नींव:
इस सेंटर की योजना साल 2019 में आकार लेनी शुरू हुई थी. तत्कालीन गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के सुझाव पर उस समय के डीजीपी कमल नयन चौबे ने छह नवंबर 2019 को अधिकारियों के साथ इस क्षेत्र का दौरा किया था. जिसके बाद राज्य में हेमंत सोरेन की सरकार बनी और सरकार ने रिकॉर्ड समय में स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर का निर्माण कराया. इस नए स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर के शुरू होने से रांची पुलिस की कार्यक्षमता में इजाफा होगा. ट्रैफिक जाम की समस्या के बीच अब पुलिस और राहत टीमें कम समय में घटना स्थल तक पहुंच सकेंगी, जो राजधानी की सुरक्षा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.

