Ranchi: एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की डिस्चार्ज पिटीशन झारखंड हाई कोर्ट से खारिज हो चुकी है, बुधवार को हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने मामले में फैसला सुनाया है पूर्व मंत्री आलमगीर आलम में परिवर्तन निदेशालय (ED) के द्वारा दाखिल चार्जशीट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Curuption) के तहत धारा 3, 4 एवं धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Loundring Act) के तहत धारा 3 एवं 4 को चुनौती देते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी, आलमगीर आलम के अधिवक्ताओं के द्वारा जप्त करोड़ों रुपए को खुद से अलग बताया है कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा उनके ओएसडी एवं अन्य लोगों के पास बरामद पैसे की जानकारी उनके पास नहीं थी, प्रवर्तन निदेशालय मामले में उन्हें घसीट रही है हालांकि अदालत में उनकी दलील को खारिज करते हुए याचिका खारिज कर दी. दरअसल, टेंडर घोटाले में ईडी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम एवं उनके आप्त सचिव संजीव लाल और नौकर जहांगीर आलम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है, पूर्व में ईडी ने छह मई 2024 को कई अभियंताओं, ठेकेदारों समेत मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी, छापेमारी के दौरान संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के घर से करीब 32.2 करोड़ रुपए बरामद किए गए थे, वही संजीव लाल के घर से 10.5 लाख रुपए मिले, साथ ही उनके सचिवालय स्थित कार्यालय से 2.3 लाख रुपए बरामद हुए थे.
BREAKING : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की डिस्चार्ज पिटीशन हाईकोर्ट से खारिज
Ranchi: एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की डिस्चार्ज पिटीशन झारखंड हाई कोर्ट से खारिज...
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