रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को भले ही सत्ता और संगठन के चश्मे से देखा जा रहा हो, लेकिन डॉ. अंसारी ने इसे बड़े भाई और छोटे भाई का भावनात्मक मिलन करार दिया है. लगभग 15 दिनों के अंतराल के बाद हुई इस मुलाकात ने राज्य की राजनीति में एकजुटता का एक बड़ा संदेश दिया है.
शब्द कम पड़े, जज्बात ज्यादा: डॉ. अंसारी
मुलाकात के बाद डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा, कि यह कोई औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि भावनाओं से भरी एक आत्मीय मुलाकात थी. उन्होंने कहा, कई दिनों बाद जब अपनों से मिलना होता है, तो शब्द अक्सर कम पड़ जाते हैं और जज्बात खुद ही सब कुछ बयां कर देते हैं. भाई से मिलकर मन को सुकून मिला और उनके उत्तम स्वास्थ्य को देखकर बेहद खुशी हुई.
अफवाहों पर विराम, 2029 का संकल्प
डॉ. अंसारी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों का हकीकत से कोई वास्ता नहीं है. उन्होंने मजबूती के साथ कहा हमारा रिश्ता सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि स्नेह और विश्वास की मजबूत डोर से बंधा है. हमने पहले भी हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा है और आने वाले समय में भी उन्हीं के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाएंगे. राहुल गांधी और हेमंत सोरेन दोनों ही जनहित और न्याय की राह पर चलने वाले नेता हैं, जो एक-दूसरे के पूरक हैं.
नई ऊर्जा के साथ क्षेत्र की सेवा में जुटे
डॉ. इरफान ने भावुक होते हुए कहा कि वे हर परिस्थिति में अपने बड़े भाई हेमंत सोरेन के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने बताया कि इस मुलाकात से उन्हें एक नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त हुआ है, जिसे लेकर वे अब अपने क्षेत्र की सेवा और विकास के लिए फिर से निकल पड़े हैं.
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