Bokaro : डीवीसी के नवनिर्मित स्वामी विवेकानंद रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन राजनीतिक विवाद के कारण टल गया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन उद्घाटन नहीं होने से डीवीसी कर्मियों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोग अब भी पुराने और असुरक्षित रास्तों से होकर आवागमन करने को मजबूर हैं, जहां घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है.

सांसद की आपत्ति के बाद टला उद्घाटन
जानकारी के अनुसार परियोजना का निर्माण तीन चरणों में किया जाना था. पहले चरण में कथारा से बोकारो थर्मल प्लांट तक और दूसरे चरण में रेलवे लाइन के ऊपर से डिग्री कॉलेज तक का कार्य पूरा कर लिया गया है. 28 फरवरी को पुल के उद्घाटन की तैयारी थी, लेकिन चंद्र प्रकाश चौधरी द्वारा पुल की गुणवत्ता और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं रेलवे को पत्र भेजे जाने के बाद उद्घाटन स्थगित कर दिया गया. इसके बाद 150 टन क्षमता का लोड टेस्ट कराया गया, जिसमें पुल पूरी तरह सफल रहा. डीवीसी अधिकारियों के अनुसार रेलवे द्वारा बताए गए अधिकांश कार्य पूरे कर लिए गए हैं और शेष कार्य भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे.
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उद्घाटन में देरी पर स्थानीय लोगों ने जताया आक्रोश
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुल चालू नहीं होने पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि राजनीतिक कारणों से जनता की सुविधा प्रभावित हो रही है. हाल ही में एक एसयूवी वाहन के कोल रैक की चपेट में आने की घटना को भी लोगों ने पुल शुरू नहीं होने का परिणाम बताया है. मुखिया विकास सिंह, कांग्रेस नेता रिंकू सिंह और नेत्री सुषमा कुमारी समेत कई लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पुल को जनता के लिए नहीं खोला गया तो ग्रामीण खुद अवरोधक हटाकर पुल चालू कर देंगे. इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यशैली और विकास कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
