News Wave : अगर सुबह नींद से उठते ही सिर घूमने लगे, आंखों के आगे अंधेरा छा जाए या कुछ सेकेंड के लिए शरीर हल्का महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई लोग इसे कमजोरी या कम नींद का असर मान लेते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक अक्सर यह स्थिति शरीर की पोजीशन अचानक बदलने से जुड़ी होती है, जब लेटे हुए से सीधे खड़े होने पर दिमाग तक कुछ पल के लिए खून की सप्लाई कम हो जाती है. इस स्थिति को ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है.

क्या है ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन और क्यों होता है
जब हम बिस्तर से अचानक उठते हैं तो ब्लड प्रेशर कुछ सेकेंड के लिए गिर सकता है. अगर शरीर तुरंत संतुलन नहीं बना पाता तो चक्कर जैसा एहसास होता है. यह समस्या बुजुर्गों, कम पानी पीने वालों, ब्लड प्रेशर या दिल की दवाइयां लेने वाले लोगों में ज्यादा देखी जाती है. इसके अलावा डिहाइड्रेशन, लो ब्लड शुगर, स्लीप एपनिया, कान के अंदरूनी हिस्से की गड़बड़ी, एनीमिया या माइग्रेन जैसी स्थितियां भी सुबह चक्कर आने की वजह बन सकती हैं. डायबिटीज के मरीजों में खाली पेट शुगर कम होने से भी कमजोरी और घबराहट महसूस हो सकती है.
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बचाव के आसान उपाय, जिन्हें अपनाना जरूरी
अगर आपको सुबह अक्सर चक्कर आते हैं तो बिस्तर से अचानक खड़े न हों. पहले कुछ मिनट बैठें, फिर धीरे-धीरे उठें. दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और सुबह उठते ही एक गिलास पानी जरूर लें. शराब और ज्यादा कैफीन से दूरी बनाएं. नाश्ता जरूर करें ताकि ब्लड शुगर संतुलित रहे. अगर किसी दवा के बाद चक्कर बढ़ रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लें. बार-बार या तेज चक्कर आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है, इसलिए लक्षण लगातार बने रहें तो जांच कराना जरूरी है.
