शराब घोटाला: ED ने रोहित उरांव से दिनभर की पूछताछ, प्रेम प्रकाश और योगेंद्र तिवारी से संबंधों पर पूछे सवाल, कल पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव की बारी

Ranchi: झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग नेटवर्क को खंगालने में जुटी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई तेज...

Liquor scam: ED questions Rohit Oraon for day-long questioning, questions his relationship with Prem Prakash and Yogendra Tiwari; tomorrow it will be former minister Rameshwar Oraon's turn

Ranchi: झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग नेटवर्क को खंगालने में जुटी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई तेज हो गई है. इसी कड़ी में ईडी की टीम ने सोमवार को झारखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से दिनभर पूछताछ की. रोहित उरांव ईडी के दूसरे समन पर रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे थे, जहां केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की. इस मामले मेंकल यानी मंगलवार (7 जुलाई) को ईडी पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव से भी पूछताछ करने वाली है. रामेश्वर उरांव वर्तमान में लोहरदगा विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक हैं.

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शराब के धंधे में किए गए निवेश को लेकर कई सवाल पूछे

जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारियों ने रोहित उरांव से पूर्व की उत्पाद नीति के दौरान शराब के धंधे में किए गए निवेश को लेकर कई सवाल पूछे. इसके अलावा, उनसे मुख्य आरोपी शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश के साथ उनके संबंधों को लेकर भी विस्तृत पूछताछ की गई. ईडी को जांच में यह जानकारी मिली थी कि पूर्व की शराब नीति के दौरान रोहित उरांव ने कथित तौर पर शराब के व्यवसाय में भारी मात्रा में काले धन का निवेश किया था, जिसमें उन्हें योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश का सहयोग मिला था. पूछताछ के दौरान रोहित उरांव ने अपने जवाबों से ईडी के अधिकारियों को संतुष्ट करने का प्रयास किया. फिलहाल, ईडी के अधिकारी उनके द्वारा दिए गए बयानों और जवाबों की गहन समीक्षा कर रहे हैं.

चार साल पुरानी ECIR और जमीनी फर्जीवाड़ा का कनेक्शन

रोहित उरांव से यह पूछताछ ED द्वारा दर्ज की गई करीब चार साल पुरानी इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ECIR) के आधार पर की गई है. इस केस का आधार देवघर और जामताड़ा में दर्ज कई प्राथमिकियां हैं. उल्लेखनीय है कि ईडी ने 31 मार्च 2022 को देवघर में दर्ज चार अलग-अलग प्राथमिकियों के आधार पर यह ECIR दर्ज की थी. इसके बाद, जांच का दायरा बढ़ाते हुए देवघर और जामताड़ा से जुड़ी करीब 15 अन्य प्राथमिकियों को भी इसी ECIR के साथ अटैच किया गया था. ये सभी प्राथमिकियां अवैध रूप से दूसरों की जमीनों पर कब्जा करने, फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन की खरीद-बिक्री, अवैध बालू के कारोबार और अवैध शराब की खरीद-बिक्री से संबंधित थीं.

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छापेमारी में मिले थे 30 लाख नकद और दस्तावेज

इस मामले में ईडी ने 23 अगस्त 2023 को एक साथ बड़ी कार्रवाई की थी. एजेंसी ने तत्कालीन वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी के आवासों समेत कुल 36 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इस छापेमारी के दौरान रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव के ठिकाने से ईडी को 30 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे. मौके से भारी मात्रा में डिजिटल और कागजी दस्तावेज जब्त किए गए थे. इन दस्तावेजों की छानबीन से खुलासा हुआ कि रोहित उरांव ने अपने करीबियों और सहयोगियों के माध्यम से तत्कालीन शराब नीति के दौरान बड़ा निवेश किया था. इसी छानबीन के आधार पर ईडी ने 19 अक्टूबर 2023 को शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और दिसंबर 2023 में उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी. चार्जशीट में ईडी ने अदालत को योगेंद्र तिवारी के जरिए अर्जित किए गए अवैध धन की पूरी जानकारी दी थी.

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