Ranchi: झारखंड के औद्योगिक और तकनीकी परिदृश्य में गुरुवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई. नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में राज्य सरकार ने 99,000 करोड़ रुपये के निवेश वाले 14 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए. IT सचिव पूजा सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया, कि इन 14 MOU में से 10 समझौते उद्योग विभाग के साथ, 2 IT विभाग के साथ और 2 पर्यटन विभाग के साथ किए गए हैं. ये समझौते राज्य की आर्थिक बुनियाद को मजबूत करने के साथ-साथ नवाचार को नई दिशा देंगे. प्रमुख औद्योगिक घरानों और वैश्विक संस्थाओं में जिंदल ग्रुप, वरुण बेवरेजेस, टाटा समूह, गूगल , ईज माय ट्रिप, जनरल स्टील और पावर न्यूक्लियर जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं.
गूगल के साथ AI और तकनीकी क्रांति
इन 14 समझौतों में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी गूगल LLC के साथ हुआ करार है. इसके तहत राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा. ऐसे में-

• डेटा सेंटर का आधुनिकीकरण: राज्य के तकनीकी बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाना.
• शिक्षा और स्वास्थ्य: डिजिटल समाधानों के जरिए सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार.
• ट्रैफिक प्रबंधन: स्मार्ट तकनीकों का उपयोग कर शहरी यातायात को सुगम बनाना.
• क्षमता निर्माण: राज्य के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करना.
माइंस से माइंड्स की ओर बढ़ता झारखंड
यह निवेश केवल औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार की मंशा राज्य को पारंपरिक खनिज संपदा आधारित अर्थव्यवस्था से निकालकर बौद्धिक और तकनीकी नवाचार के हब के रूप में विकसित करने की है. इन 14 MOU का क्रियान्वयन राज्य में रोजगार के लाखों नए अवसर सृजित करेगा और झारखंड को निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा.
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